सुनो हवा
तुम घरौंदे बनाओगीऔर
दबे पांव
वहां जाओगी
वे लोग रहेंगे उनमें
घर जिनके
टूटे पत्तों की तरह
उड़ा दिए तुमने!
ऐ बादल
तुम द्वीप तैराओगे
और कसम लो
उन पर कभी
कहर नहीं बरसाओगे
वे रहेंगे वहां
जिनके घर
कल रात
तुम लील गए
और तुम
मेरे दोस्त!
ज्यादा कुछ नहीं
बस इतना
बादल
हवा-पानी
इन्हें
बहाने मत बनाना-
इन्हें समझा दिया है
मैंने
लेकिन
जानता हूं
कुछ लोग नहीं मानेंगे।
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