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Tuesday, June 12, 2018

जादू हो--देवेन्द्र कुमार --बाल गीत


जादू हो—देवेन्द्र कुमार-–बाल गीत

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जादू हो भई जादू हो
 

मुरझाए जो फूल पड़े हैं

उनमें फिर से खुशबू आए

सूखा कुआं गली का अपना

मीठे पानी से भर जाए
 

टूट गिरे जो पत्ते भैया

फिर से पेड़ों पर लग जाएं

पंखहीन जितनी भी चिडि़यां

उड़कर आसमान में जाएं
 

टूटे घर फिर से बन जाएं

सूखी फसलें फिर लहराएं

आसमान से रोटी बरसे

भूखे सभी पेट भर खाएं
 

जादू हो भई जादू हो

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